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Showing posts from June, 2023

यह अगर होता तो क्या होता ? What would have been thought if It would have been there like this ?

ओडिशा में हुई भयंकर रेल दुघर्टना के बाद जब देश और राज्य का प्रशासन बचाव और सही हालात वापिस लाने में पूरी तत्परता से लगा हुआ था और इसके साथ अनेक स्थानीय संगठन और लोग भी इसमें अपने तरीकों से शामिल थे वहीं कुछ लोगों ने एक अलग बयानबाज़ी शुरू कर दी.  दुघर्टना स्थल के नजदीक एक इमारत को मस्जिद बता दिया. स्टेशन मास्टर का नाम  शरीफ बताया गया और कहा गया की वो फरार है. इन बातों के खंडन भी आए और ओडिशा पुलिस ने लोगों को इस दुघर्टना को धार्मिक रंग देने से मना करने की अपील और चेतावनी को  जारी किया. मेरा यह सब बताना केवल एक बैकग्राउंड देना मात्र है.  अब आप कल्पना करें , जी हां केवल कल्पना करें , कि वो इमारत एक मस्जिद है और स्टेशन मास्टर का नाम शरीफ है . इन हालात में यह जानलेवा भयंकर दुघर्टना होती तो आप क्या तुरंत प्रतिक्रिया देते ?  मुझे बताने की जरूरत नहीं. केवल खुद विस्तार से सोचिए .  English After the horrific train accident in Odisha, when the C ountry and the S tate administration s were fully engaged in rescue and bringing back the normal situation, and along with ...

कुछ पारम्परिक बयान - कितने जरूरी , कितने प्रभावी या कितने निरर्थक

हाल ही में देश में एक बहुत भंयकर रेल दुर्घटना हुई जिसमें सैंकड़ों जाने चली गई तथा हजार के लगभग मनुष्य शरीर क्षति ग्रस्त हुये । अरबों रूपये की सम्पति नष्ट हुई। इसके अलावा हजारों ने देरी की वजह से कष्ट उठाया। सभी एजंसी ने तुरत कार्यवाही की । पर मेरा विषय इन सब से हट कर है। मेरा ध्यान एक ऐसी स्टेटमेंट पर गया जिसमे मीडिया को बताया गया  कि दोषी व्यक्तियों को सख्त सजा दी जायेगी । उन्हें बख्शा नहीं जायेगा । यह वाक्य स्टेटमेंट से थोड़ा भिन्न हो सकता है शब्दों में ,पर मतलब ठीक बता रहा है ऐसा मुझे लगता है । यहाँ यह भी बता दूं कि मैं किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट न करके ऐसे अनेक अवसरों पर दिये जाने इसी स्टेटमेंट को में सामान्य तौर पर ले रहा हूँ । प्राय दंगे फसाद  या आंतकवादी घटनाओं के बाद यह बयान सुनने को मिलता है।  यह बयान किसी बड़े  संबधित व्यक्ति से सुनकर जनता में यह आशा मजबूत हो जाती है कि कार्यवाही होगी और परिणाम के साथ होगी । मीडिया इसे एक समस्या से जुड़े पहलुओ पर एक बड़े आश्वासन के तौर पर प्रेजेंट करता है। पर एक बार फिर इस बयान को पढ़कर दुबारा सोचिये । इस बयान की सामान्य ...