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क्या आज हिन्दू समाज और हिन्दू धर्म पर खतरा मंडराने लगा है ?

             लोक सभा के चुनावों मे भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत नहीं ले पायी पर  अपने गठबंधन के  सहयोगियों के साथ मिल कर मोदी जी के नेतृतव मे सरकार बना कर काम शुरू किया।  सब कुछ तो नॉर्मल  है। चुनावों से  पहले  कुछ लोगों ने  एक बड़े पैमाने पर यह प्रचार किया गया की हिन्दू समाज विशेषतौर पर सनातन धर्म का पालन करने वालों को अपनी  संस्कृति और धर्म और स्वयं को बचाने के का ये मौका है और इसके लिये  बीजेपी और मोदी जी को वोट  दें ।  इस तथ्य को बताने  के लिए ज्यादातर यह प्रचार किया गया की किस तरह इस्लाम को मानने वालों ने इस धरती पर क्रूरता से हमले कर मंदिरों को तोड़ा और हिंदुओं को लूट कर कत्ल किया   या जबरन मुसलमान बनाया । यह कहा गया की अगर अब हिंदुओं ने मोदी जी और बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया तो कुछ ही वर्षों मे पुराना इतिहास फिर शुरू हो जाएगा और हिंदुओं को घर छोड़ कर कहीं और जाना पड़ेगा। बार बार कहीं कहीं के उदाहरण दिए गये जहां मुसलमानों ने धीरे धीरे किसी एक एरिया को कुछ वर्षों मे पूरी तरह अ...

Is it the last one to happen or may be.....?

  On April 11 , 2024  while the country was holidaying because of Eid festival , a school in south Haryana  was operating.School children from nearby places were being ferried around noon time in a school bus which the the locals saw being driven rashly and zig zag manner. As per media report , they intervened and stopped the bus but school Principal intervened and assured corrective actions.  Soon after , the bus met with an accident and six student died and many injured.  After , this a plethora of actions started. Driver and School authorities were arrested . Media report state that driver was Drunk. Bus had no attendant, was not carrying proper fitness certificate, school was operating of a Holiday, bus had previous records of rules violation etc. etc. etc. ........ All from the top to any level in the country conveyed their condolences for lost lives. Any one can feel the extreme sad feelings and status of the families of deceased.  for injured also , ...

DELHITES AT MULTI RISKS DUE TO AIR POLLUTION

During 'Very Poor' Air Pollution (AQI >300<400) and with activation of GRAP 3rd stage.  people in Delhi suddenly becomes Polluters and Violators (read Criminals to Humanity) paying at least Rs. 20000/ challans for each action they were legally doing a day before. This is beside suffering due to critical Respiratory and Chest problems and need to queue up in OPDs and ICUs with fat dent in purses. Poor suffers the most. Tempo drivers, Labours and Daily Wage Earners get the maximum.  Construction (except for Major infra and renovation of Lutyn Delhi) is stopped with thousand either facing police actions or idling for a month. Diesel transportation is banned. This year buses and Taxis from NCR towns are not allowed to enter Delhi adding trouble to daily users and those going to Railway Stations, Airports etc.  School children as well teachers in spite of online classes find their education and daily schedules grossly upset.  Moreover, if Odd Even Cars schedule is m...

Increasingly feeling hurt ?

                                                                                                                                      Increasingly feeling hurt ? A View Come the month of September , lots of festivals are celebrated in our country. Each of these festivals has substantially different social purpose and has different way of celebration. People across the country spend money on clothes , sweets and other i...

यह अगर होता तो क्या होता ? What would have been thought if It would have been there like this ?

ओडिशा में हुई भयंकर रेल दुघर्टना के बाद जब देश और राज्य का प्रशासन बचाव और सही हालात वापिस लाने में पूरी तत्परता से लगा हुआ था और इसके साथ अनेक स्थानीय संगठन और लोग भी इसमें अपने तरीकों से शामिल थे वहीं कुछ लोगों ने एक अलग बयानबाज़ी शुरू कर दी.  दुघर्टना स्थल के नजदीक एक इमारत को मस्जिद बता दिया. स्टेशन मास्टर का नाम  शरीफ बताया गया और कहा गया की वो फरार है. इन बातों के खंडन भी आए और ओडिशा पुलिस ने लोगों को इस दुघर्टना को धार्मिक रंग देने से मना करने की अपील और चेतावनी को  जारी किया. मेरा यह सब बताना केवल एक बैकग्राउंड देना मात्र है.  अब आप कल्पना करें , जी हां केवल कल्पना करें , कि वो इमारत एक मस्जिद है और स्टेशन मास्टर का नाम शरीफ है . इन हालात में यह जानलेवा भयंकर दुघर्टना होती तो आप क्या तुरंत प्रतिक्रिया देते ?  मुझे बताने की जरूरत नहीं. केवल खुद विस्तार से सोचिए .  English After the horrific train accident in Odisha, when the C ountry and the S tate administration s were fully engaged in rescue and bringing back the normal situation, and along with ...

कुछ पारम्परिक बयान - कितने जरूरी , कितने प्रभावी या कितने निरर्थक

हाल ही में देश में एक बहुत भंयकर रेल दुर्घटना हुई जिसमें सैंकड़ों जाने चली गई तथा हजार के लगभग मनुष्य शरीर क्षति ग्रस्त हुये । अरबों रूपये की सम्पति नष्ट हुई। इसके अलावा हजारों ने देरी की वजह से कष्ट उठाया। सभी एजंसी ने तुरत कार्यवाही की । पर मेरा विषय इन सब से हट कर है। मेरा ध्यान एक ऐसी स्टेटमेंट पर गया जिसमे मीडिया को बताया गया  कि दोषी व्यक्तियों को सख्त सजा दी जायेगी । उन्हें बख्शा नहीं जायेगा । यह वाक्य स्टेटमेंट से थोड़ा भिन्न हो सकता है शब्दों में ,पर मतलब ठीक बता रहा है ऐसा मुझे लगता है । यहाँ यह भी बता दूं कि मैं किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट न करके ऐसे अनेक अवसरों पर दिये जाने इसी स्टेटमेंट को में सामान्य तौर पर ले रहा हूँ । प्राय दंगे फसाद  या आंतकवादी घटनाओं के बाद यह बयान सुनने को मिलता है।  यह बयान किसी बड़े  संबधित व्यक्ति से सुनकर जनता में यह आशा मजबूत हो जाती है कि कार्यवाही होगी और परिणाम के साथ होगी । मीडिया इसे एक समस्या से जुड़े पहलुओ पर एक बड़े आश्वासन के तौर पर प्रेजेंट करता है। पर एक बार फिर इस बयान को पढ़कर दुबारा सोचिये । इस बयान की सामान्य ...

जाएं तो जाएं कहां

                                        ज़िंदगी के छटे दशक के आखिरी पड़ाव को   पार करते नींद का सुबह चार और पांच बजे के बीच खुल जाना अब रोज का नियम बन चुका था। घर के और सभी लोग सो रहे थे। लिहाज़ा चुपचाप उठ कर बाहर बाल्कोनी में जा के देखा तो मौसम और हवा दोनो पिछले दिन ज्यादा साफ थे। दिल्ली में नवंबर मास के शुरू में यह एक वरदान जैसा लगा। उम्मीद ही नही विश्वास था धुएं से भरे वातावरण का। कल ही तो हवा का क्वालिटी इंडेक्स 450 था और सरकार ने और अपनी तरफ से और अपनी समझ से कुछ कदम उठाए वातावरण को काबू में रखने के लिए। लेकिन आज तो मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पूर्वी हवा ने कुछ राहत दी । प्रदूषण को एक कैटेगरी तो कम कर ही दिया होगा इसने। सोचा क्यों ना इसका फायदा लिया जाए सुबह की सैर करके। हल्की ठंड में अपनी जैकेट पहन के निकलते ही याद आया कि एक डंडा हाथ में लेना अच्छा होगा। क्या पता कौन सा कुत्ता किस मूड में हो ? जानवर भी तो 450 इंडेक्स की प्रदूषित हवा से परेशान होंगे। फोन पर एक रेडियो का सुबह का ...